Tuesday, June 25, 2024
Homeललितपुरअंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस : छात्राओं-शिक्षिकाओं ने किया योगाभ्यास।

अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस : छात्राओं-शिक्षिकाओं ने किया योगाभ्यास।

ललितपुर। पहलवान गुरुदीन महिला महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत शासन द्वारा निर्धारित योगासन क्रियाओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रबंधक श्रीमती सितारा देवी, प्रबंधक निर्देशिका डॉक्टर पूजा यादव तथा महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सूफिया ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन कर किया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अंतर्गत योगाभ्यास में शांति झा ,उमा भारती ,पूनम कुशवाहा, गार्गी चतुर्वेदी ,रिंकी पटेरिया ,शबनम राजा, सुषमा ,भारती, सोमवती आदि छात्राओं ने भाग लिया तथा अन्य छात्राओं को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दीया। योग अभ्यास के दौरान छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए महाविद्यालय की प्रबंधक श्रीमती सितारा देवी ने अपने वक्तव्य में कहा की योगा कोई धर्म नहीं है यह जीने की कला है जिसका लक्ष्य स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन से है उन्होंने बताया कि योग का हमारे जीवन में अत्यंत महत्व है योगाभ्यास की कला व्यक्ति के मन शरीर और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करती है छात्राओं को योग का महत्व समझाते हुए प्रबंधक निर्देशिका डॉक्टर पूजा यादव ने अपने संबोधन में कहा की योग भारत की प्राचीन परंपराओं में से एक अमूल्य उपहार है यह 5000 साल पुरानी परंपरा है यह हमारे मन और शरीर की एकता विचार और कार्य संयम और पूर्ति मनुष्य और प्रकृति के बीच सद्भाव स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है यह व्यायाम ही नहीं है यह प्रकृति के साथ जोड़ने का मार्ग है कार्यक्रम को उत्साहित बनाने के लिए महाविद्यालय की प्राचार्या डा सूफिया ने अपने वक्तव्य मैं कहा कि आज की युवा पीढ़ी पाश्चात्य देशों की संस्कृति का अनुसरण कर रहे हैं हमारे देश में सभी विदेशी खानपान की चलन को बहुत तेजी से अपना रहे हैं जिसके कारण अन्य बीमारिया उत्पन्न हो रही हैं इन पर नियंत्रण पाने के लिए हमें निरंतर योग का अभ्यास करना चाहिए योग तनाव चिंता को दूर करने में सहायता करता है योगासन ऊर्जा तथा शरीर को लचीलापन प्रदान करता है योग का महत्व बताते हुए डॉ वंदना याज्ञिक ने अपने वक्तव्य में बताया कि योग एक चमत्कार है और अगर इसका अभ्यास निरंतर किया जाए तो यह आपके जीवन का मार्गदर्शन बन सकता है आध्यात्मिक उन्नति या शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अत्यंत आवश्यक है सभी दर्शनों एवं भारतीय धार्मिक संप्रदायों ने एक मत व मुक्त कंठ से स्वीकार किया है NSS द्वितीय इकाई कार्यक्रम अधिकारी  असि प्रो साधना नागर ने छात्राओं को ताड़ासन का महत्व बताते हुए कहा कि प्रतिदिन ताड़ासन करने से शरीर की ऊंचाई बढ़ती है तथा पंजों से जुड़े हुए रोग खत्म होते हैं और साथ ही हमारे रीड की हड्डी से जुड़े हुए रोगों से हमें मुक्ति मिलती है तथा हमें अद्भुत ऊर्जा की अनुभूति होती है कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर सुषमा पटेल ने वृक्षासन का अभ्यास कराते हुए छात्राओं को वृक्षासन करने के लाभ तथा उसका महत्व बताया उन्होंने कहा कि वृक्षासन करने से शरीर में एकाग्रता रहती है तथा वृक्षासन जांघों, पिंडली, टखनों और रीढ़ को मजबूत करता है।

शारीरिक संतुलन में सुधार लाता है। B.Ed विभागाध्यक्ष रत्ना याज्ञिक ने छात्राओं को अर्ध चक्रासन का अभ्यास कराते हुए छात्राओं को बताया कि यह आसन अत्यंत प्रभावी आसनों में से एक है, जिसमें पूरे शरीर का संतुलन बना रहता है। यह योगासन नियमित करने से शरीर में ताकत और स्थिरता बढ़ती है क्रीडा प्रभारी जुनेद रजा ने छात्र-छात्राओं को त्रिकोणासन की महत्वता को बताते हुए छात्रों को योग का उनके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है साथ ही साथ त्रिकोणासन की विधि एवं महत्वता को बताते हुए कहा किएसिडिटी से छुटकारा मिलता हैं।

चिंता, तनाव, कमर और पीठ का दर्द गायब हो जाता हैं।

पेट पर जमी अतिरिक्त चर्बी और मोटापा दूर करने में सहायक आसन माना जाता हैं।

शरीर को सुडौल, मजबूर और लचीला बनाता हैं।

 कार्यक्रम के अंतर्गत उपस्थित रहे वाणिज्य विभाग अध्यक्ष प्रकाश खरे असिस्टेंट प्रोफेसर रंजना श्रीवास्तव असिस्टेंट प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर लता जायसवाल  अनामिका कपूर ,सोनिया, गेंदा ,शबनम, वंदना सेन,मुस्ताक खान ,राघवेंद्र ,यादव, जगत झा, सचिन पटेल ,मुजफ्फर अली,रामसहाय,सचिन यादव विमला सरोज उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments